• en Without Worship there is no Respite

    Bin updesh achambh hai, kyon jivat hain praan | Bhakti bina kahan thaur hai, ye nar naahin paashaan || God Kabir is saying that – O innocent man! I am...
  • en सांसारिक चीं-चूं में ही भक्ति करनी पड़ेगी

    एक थानेदार घोड़ी पर सवार होकर अपने क्षेत्रा में किसी कार्यवश जा रहा था। ज्येष्ठ (श्रनदम) का महीना, दिन के एक बजे की गर्मी। हरियाणा प्रान्त। एक किसान रहट से फसल की...
  • en तम्बाकू से गधे-घोड़े भी घृणा करते हैं

    एक दिन संत गरीबदास जी (गाँव-छुड़ानी, जिला-झज्जर वाले) किसी कार्यवश घोड़े पर सवार होकर जींद जिले में किसी गाँव में जा रहे थे। मार्ग में गाँव मालखेड़ी (जिला जींद) के खेत थे।...