परमात्मा पाप नष्ट कर सकता है - यजुर्वेद अध्याय 8 मंत्र 13

कबीर साहिब कहते हैं -

कबीर,जबही सत्यनाम हृदय धरयो,भयो पापको नास।
मानौं चिनगी अग्निकी, परी पुराने घास।।