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केदारनाथ मंदिर भारत में तथा पशुपति मंदिर नेपाल में कैसे बना?

(केदार का अर्थ दलदल है) महाभारत में कथा है कि पाँचों पाण्डव (युद्धिष्ठर, अर्जुन, भीम, नकुल व सहदेव) जीवन के अंतिम समय में हिमालय पर्वत पर तप कर रहे थे। एक दिन सदाशिव यानि काल ब्रह्म ने दुधारू भैंस का रूप बनाया और उस क्षेत्रा में घूमने लगा। भीम दूध प्राप्ति के उद्देश्य से उसे पकड़ने के लिए दौड़ा तो भैंस पृथ्वी में समाने लगी। भीम ने भैंस का पिछला भाग [...] Read more

गुरू बिन मोक्ष नही

प्रश्न:- क्या गुरू के बिना भक्ति नहीं कर सकते? उत्तर:- भक्ति कर सकते हैं, परन्तु व्यर्थ प्रयत्न रहेगा। प्रश्न:- कारण बताऐं? उत्तर:- परमात्मा का विधान है जो सूक्ष्मवेद में कहा है कबीर, गुरू बिन माला फेरते, गुरू बिन देते दान। गुरू बिन दोंनो निष्फल है, पूछो वेद पुराण।। कबीर, राम कृष्ण से कौन बड़ा, उन्हों भी गुरू कीन्ह। तीन लोक के वे धनी, गुरू आगे [...] Read more

अंध श्रद्धा भक्ति - खतरा-ए-जान

अंध श्रद्धा का अर्थ है बिना विचार-विवेक के किसी भी प्रभु में आस्था करके उसे प्राप्ति की तड़फ में पूजा में लीन हो जाना। फिर अपनी साधना से हटकर शास्त्रा प्रमाणित भक्ति को भी स्वीकार न करना। दूसरे शब्दों में प्रभु भक्ति में अंधविश्वास को ही आधार मानना। जो ज्ञान शास्त्रों के अनुसार नहीं होता, उसको सुन-सुनाकर उसी के आधार से साधना करते रहना। वह साधना जो [...] Read more

Astrophysics From Vedas

Origin of Universe, formation of Stars, Planets & Galaxies from the Vedas The realm of astrophysics explores the origin of the univese by applying the principles of physics, and so far remains in its infancy and with their current abysmal knowledge base is unlikely to ever get an answer to the universal question on how the universe was [...] Read more

Dowry-Free India Campaign by Jagat Guru Rampal Ji

Jagat Guru Rampal Ji has always been against the practice of dowry. His disciples are not allowed to accept or give dowry. His teachings are eradicating this social evil from the Indian society. It is mandatory for His disciple to follow this rule amonst many others. One who doesn't follow these rules, ceases to be His disciple.

जीने की राह

जीने की राह पुस्तक घर-घर में रखने योग्य है। इसके पढ़ने तथा अमल करने से लोक तथा परलोक दोनों में सुखी रहोगे। पापों से बचोगे, घर की कलह समाप्त हो जाएगी। बहू-बेटे अपने माता-पिता की विशेष सेवा किया करेंगे। घर में परमात्मा का निवास होगा। भूत-प्रेत, पित्तर-भैरव-बेताल जैसी आत्माऐं उस परिवार के आसपास नहीं आएंगी। देवता उस भक्त परिवार की सुरक्षा करते हैं। [...] Read more

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